ट्रेडिंग और निवेश

ट्रेडिंग और निवेश मे क्या अंतर है | ट्रेडिंग के प्रकार [2022]

Share Market

शेयर बाजार में जब भी नए लोग आते है तो (Trading and investing) ट्रेडिंग और निवेश मे अंतर के सवाल उनके मन में जरूर आते है. ट्रेडिंग और निवेश में क्या अंतर है? ये सवाल भी दिमाग में आने के लिए वाजिब है. जब नये यूज़र यह नहीं समझेंगे तो उन्हें कैसे पता चलेगा कि उनकी जोखिम लेने की क्षमता और लक्ष्य के अनुसार ट्रेडिंग और निवेश में यह उनके लिए बेहतर होगा.

आज हम जानेंगे कि ट्रेडिंग और निवेश क्या है, दोनों में क्या अंतर है, ट्रेडिंग कितने प्रकार की होती है. साथ ही आपको पता चल जाएगा कि आप ट्रेडिंग से रोज कमा सकते है या नही.

Difference Between Trading and Investing

ट्रेडिंग क्या है

जब भी आप कोई शेयर खरीदते है और उसी दिन बेचते है तब इसे ट्रेडिंग कहते है. मतलब आप स्टॉक ट्रेडिंग में स्टॉक को ज्यादा समय तक अपने पास नही रख सकते. मान लीजिए आपने 500 रुपये का एक शेयर खरीदा और उसी दिन आपने उसे 550 रुपये यानि 50 रुपये के लाभ में बेच दिया. इस प्रक्रिया को ट्रेडिंग कहा जाता है.

व्यापार करते समय व्यापारी हमेशा तकनीकी विश्लेषण के साथ जाते है. जिससे उस कंपनी के शेयर की कीमत का कुछ समय के लिए शेयर की कीमत का अंदाजा हो जाता है. इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि कंपनी क्या करती है, भविष्य के लिए क्या योजनाएं है. केवल यह देखा जाएगा कि शेयर की कीमत किस दिशा में जा रही है.

इसलिए ट्रेडिंग करते समय खबरों पर ध्यान देना बहुत जरूरी है. क्योंकि कोई भी अच्छी खबर किसी भी स्टॉक को ऊपर ले जा सकती है. और बुरी खबर आपको तुरंत नीचे भी ला सकती है.

ट्रेडिंग कितने प्रकार की होती है

ट्रेडिंग के प्रकार ― ट्रेडिंग कई प्रकार की होती है पर मुख्य रूप से तो तीन ही प्रकार की होती है पर उन्हें अलग अलग रूप मे देखा जाए तो ट्रेडिंग 5 प्रकार की होती है. ताकि हर छोटा बड़ा व्यापारी ट्रेडिंग करके पैसा कमा सके.

Day Trading या Intraday Trading

इस प्रकार की ट्रेडिंग में निवेशक स्टॉक को कुछ समय के लिए रख सकता है. इसलिए Day Trading को इंट्राडे ट्रेडिंग भी कहा जाता है. बाजार बंद होने से पहले व्यापारी को शेयर बेचना पड़ता है, इसमें व्यापारी छोटे-छोटे क्षणों में स्टॉक में हो रहे उतार-चढ़ाव से अपना लाभ कमा सकते है.

Scalping Trading

डे ट्रेडिंग और स्कैल्पिंग दोनों एक ही प्रकार के होते है. इस ट्रेडिंग में खरीद-बिक्री की जाती है. लेकिन इसे दिन में कितनी भी बार ट्रेड किया जा सकता है. आपने किस प्रकार की प्रवृत्ति की है इसके आधार पर आप लाभ के साथ-साथ हानि भी कर सकते है.

Swing Trading

इस ट्रेडिंग में आप खरीद-बिक्री कर सकते है. अगर आपने जिस दिन खरीदा है उस दिन आपको नुकसान हो रहा है तो आप उस दिन स्टॉक न बेचकर भी कुछ दिनों के लिए होल्ड कर सकते है. फिर जब प्रॉफिट आता है तो आप बेचकर प्रॉफिट कमा सकते है.

Momentum Trading

इस ट्रेडिंग का उपयोग ट्रेडर द्वारा तब किया जाता है जब किसी स्टॉक को ऊपर जाते हुए देखा जाता है. फिर वह खरीदता है, जैसे ही किसी को उस स्टॉक की बुरी खबर मिलती है तो तुरंत उसे बेच देता है.

जिससे व्यापारी कुछ ही समय में अच्छा मुनाफा कमा सकते है. लेकिन इसके लिए खबरों से अपडेट रहना बेहद जरूरी है. अगर स्टॉक को सही समय पर नही बेचा गया तो काफी नुकसान हो सकता है.

Positional Trading

इस प्रकार की ट्रेडिंग में आप कुछ दिनों के लिए ट्रेड कर सकते है. यह ट्रेडिंग उन लोगों के लिए है जो नियमित रूप से बाजार नही आते है. खरीदने के कुछ दिनों के बाद, लाभ आते ही वे बेच देते और चले जाते. इस प्रकार के ट्रेडर को पोजिशनल ट्रेडिंग कहा जाता है.

निवेश क्या है

जब कोई स्टॉक आज कई वर्षों की खरीद के बाद बेचा जाता है, तो उसे निवेश कहा जाता है. निवेश में आप अपने डीमैट खाते में शेयरों को बहुत लंबे समय तक रखते है. कंपनी के वित्तीय विवरणों, पिछले प्रदर्शन, भविष्य की वृद्धि को देखकर ही किसी भी स्टॉक में निवेश करता है.

निवेश में फंडामेंटल एनालिसिस करना बहुत जरूरी है. जिससे आपको कंपनी के बारे में अच्छी जानकारी होगी और भविष्य में अच्छा रिटर्न भी मिलेगा.

निवेश के प्रकार

निवेश मुख्यतः दो प्रकार के होते है. जो आपको लंबे समय में भारी मुनाफा देगा.

1. Value Investing

इस प्रकार के निवेश में जब किसी अच्छी कंपनी के शेयर की कीमत कम हो जाती है तो आपको इसमें निवेश करना चाहिए. Value Investing में निवेशक स्टॉक का विश्लेषण करता है और देखता है कि किस स्टॉक को सबसे कम कीमत मिल रही है. फिर इसमें लंबे समय के लिए निवेश करें.

2. Growth Investment

निवेशक एक ही स्टॉक में लंबे समय तक निवेश करता है, जिससे भविष्य में ग्रोथ की संभावना नजर आती है. इसे ग्रोथ इनवेस्टमेंट कहा जाता है. इससे निवेशक उस कंपनी में अधिक निवेश करता है जो मौलिक रूप से बहुत मजबूत होती है.

जिस तरह ट्रेडिंग थोड़े समय के लिए होती है वही निवेश लंबी अवधि के लिए होता है. यही Trading and investing का सबसे बड़ा अंतर समझ सकते है. इसमें तकनीकी विश्लेषण का प्रयोग किया जाता है.

निवेश में मौलिक विश्लेषण का प्रयोग करे.

आप कम समय में ट्रेडिंग करके बहुत सारा पैसा कमा सकते है.

आपको कमाई करने में बहुत समय लगता है.

ट्रेडिंग के लिए ब्रोकर का शुल्क बहुत अधिक है.

निवेश में दलाल का शुल्क ज्यादा होता है.

क्या रोजाना ट्रेडिंग करके पैसा कमा सकते है

हाँ, आप ट्रेडिंग से प्रतिदिन पैसा कमा सकते है! लेकिन जैसा कि हम जानते है कि शेयर बाजार में जोखिम भी होता है. जैसे आप नियमित आय अर्जित कर सकते है, वैसे ही आप भी खो सकते है.

लाभ और हानि आपकी ट्रेडिंग रणनीति पर निर्भर करता है. आप कौन से ट्रेड कब ले रहे है और आप कितने सटीक है. जहां लोग बहुत कम समय में लाखों रुपये कमाते है, वहीं कुछ लोगों को कम समय में लाखों रुपये का नुकसान भी होता है.

हमारी राय

अगर आप नए निवेशक है तो आपको सबसे पहले निवेश की ओर जाना चाहिए. क्‍योंकि अच्‍छे स्‍टॉक भी कम समय में नीचे आ सकते है. लेकिन लंबे समय में यह स्टॉक निश्चित रूप से ऊपर जाएगा. आपको ऐसे शेयरो में निवेश करना चाहिए जिनमें भविष्य में बढ़ने की पूरी संभावना हो.

हमे आशा है कि आप अच्छी तरह से समझ गए होंगे कि Trading and investing मे क्या अंतर है. और दोनों में क्या अंतर है तथा ट्रेडिंग कितने प्रकार के होती है. अगर आपका इससे जुड़ा कोई सवाल या सुझाव है तो कमेंट में जरूर बताए. साथ ही शेयर बाजार के बारे में विस्तार से जानने के लिए आप हमारी अन्य पोस्ट पढ़ सकते है.

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